और तसवीरें आने को हैं न !

जो इन रंगों से कागज़ तुम सजाते हो,

जो ये सुन्दर रंग-चित्र तुम बनाते हो,

तुम्हारे मन में अभी

और तसवीरें आने को हैं न !


जो मधुर गीत ये तुम सुनाते हो,

धुन ये प्यारी गुन गुनाते हो,

तुम्हारे दिल में अभी 

और तरंगें बजने को हैं न !


जो ये प्यारी बातें उसे बताते हो,

जो ये सुन्दर सपनें खुदको दिखाते हो,

तुम्हारी ज़िन्दगी में

कितना और सोचने को है न !


कलम को कागज़ से यूँ लगाते हो,

जो रोज़ तुम कविताएँ नयी बनाते हो,

तुमको अभी और

कितना कुछ लिखने को है न !

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